पाकिस्तान: बलूच आतंकवादियों ने पैसेंजर ट्रेन हाईजैक, 100 से अधिक यात्री बंधक

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पाकिस्तान: बलूच आतंकवादियों ने पैसेंजर ट्रेन हाईजैक, 100 से अधिक यात्री बंधक

पाकिस्तान: बलूच आतंकवादियों ने पैसेंजर ट्रेन हाईजैक, 100 से अधिक यात्री बंधक

पाकिस्तान के बलूचिस्तान प्रांत में एक बड़ा सुरक्षा संकट पैदा हो गया है, जहां बलूच आतंकवादियों ने एक पैसेंजर ट्रेन हाईजैक कर लिया है और 100 से अधिक यात्रियों को बंधक बना लिया है। यह घटना बलूचिस्तान के मच्छ क्षेत्र में हुई, जो लंबे समय से अशांति और आतंकवादी गतिविधियों का केंद्र रहा है।

घटना का विवरण

सूत्रों के अनुसार, बलूच आतंकवादियों ने ट्रेन को रोककर यात्रियों को बंधक बना लिया। यह ट्रेन क्वेटा से तफ्तान जा रही थी और इसमें सैकड़ों यात्री सवार थे। आतंकवादियों ने ट्रेन को घेरकर यात्रियों से जबरन पैसा और कीमती सामान लूटा। इसके बाद उन्होंने 100 से अधिक यात्रियों को बंधक बना लिया और सुरक्षा बलों के सामने अपनी मांगें रखीं।

बलूच आतंकवादियों की मांग

बलूच आतंकवादियों ने इस हाईजैकिंग के पीछे अपनी राजनीतिक मांगों को जिम्मेदार ठहराया है। वे बलूचिस्तान की स्वायत्तता और प्राकृतिक संसाधनों पर अधिकार की मांग कर रहे हैं। इसके अलावा, उन्होंने जेल में बंद अपने साथियों की रिहाई और सुरक्षा बलों द्वारा बलूच नागरिकों पर हो रहे अत्याचारों को रोकने की शर्त रखी है।

सुरक्षा बलों की कार्रवाई

घटना के बाद पाकिस्तानी सुरक्षा बलों ने मच्छ क्षेत्र में ऑपरेशन शुरू कर दिया है। सेना और पुलिस की टीमें ट्रेन को घेरकर यात्रियों को सुरक्षित निकालने की कोशिश कर रही हैं। हालांकि, आतंकवादियों ने चेतावनी दी है कि अगर उनकी मांगें नहीं मानी गईं, तो वे बंधकों को नुकसान पहुंचा सकते हैं।

यात्रियों की स्थिति

बंधक बनाए गए यात्रियों में महिलाएं, बच्चे और बुजुर्ग भी शामिल हैं। उनके परिवारों ने सरकार से तत्काल कार्रवाई करने और यात्रियों को सुरक्षित छुड़ाने की अपील की है। एक यात्री के रिश्तेदार ने बताया, “हमें डर है कि हमारे परिवार के सदस्यों के साथ कुछ बुरा न हो जाए। सरकार को जल्द से जल्द इस संकट को सुलझाना चाहिए।”

बलूचिस्तान में बढ़ती अशांति

बलूचिस्तान पाकिस्तान का सबसे अशांत प्रांत है, जहां आतंकवादी गतिविधियां और विद्रोही हमले आम हैं। बलूच विद्रोही समूह लंबे समय से पाकिस्तान सरकार के खिलाफ संघर्ष कर रहे हैं। उनका आरोप है कि सरकार बलूचिस्तान के प्राकृतिक संसाधनों का शोषण कर रही है और बलूच नागरिकों के अधिकारों की अनदेखी कर रही है।

इस घटना ने एक बार फिर बलूचिस्तान की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। पाकिस्तानी सरकार ने बलूचिस्तान में शांति बहाल करने के लिए कई बार प्रयास किए हैं, लेकिन अब तक स्थिति पर नियंत्रण नहीं हो पाया है।

अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रिया

इस घटना ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी चिंता पैदा की है। संयुक्त राष्ट्र और अन्य वैश्विक संगठनों ने पाकिस्तान सरकार से बंधकों को सुरक्षित छुड़ाने और बलूचिस्तान में शांति बहाल करने का आग्रह किया है। अमेरिका और यूरोपीय संघ ने भी इस घटना की निंदा की है और आतंकवाद के खिलाफ एकजुट होने का आह्वान किया है।

पाकिस्तान सरकार का रुख

पाकिस्तान सरकार ने इस घटना को गंभीरता से लिया है और बलूचिस्तान में सुरक्षा बलों को अलर्ट कर दिया गया है। प्रधानमंत्री इमरान खान ने एक बयान जारी कर कहा है, “हम बंधकों को सुरक्षित छुड़ाने के लिए हर संभव प्रयास कर रहे हैं। बलूचिस्तान में शांति बहाल करना हमारी प्राथमिकता है।”

निष्कर्ष

यह घटना पाकिस्तान में बढ़ते आतंकवाद और अशांति की एक और निशानी है। बलूचिस्तान में सुरक्षा स्थिति को सुधारने के लिए सरकार को ठोस कदम उठाने होंगे। साथ ही, अंतरराष्ट्रीय समुदाय को भी आतंकवाद के खिलाफ मिलकर काम करना होगा। फिलहाल, बंधकों की सुरक्षित रिहाई ही सबसे बड़ी चिंता का विषय है।

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