दक्षिण एशिया में ‘स्टेल्थ’ युद्ध! क्या चीन के J-35 के दम पर भारत से आगे निकल जाएगा पाकिस्तान? जानें भारतीय वायुसेना की जवाबी रणनीति

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दक्षिण एशिया में 'स्टेल्थ' युद्ध! क्या चीन के J-35 के दम पर भारत से आगे निकल जाएगा पाकिस्तान? जानें भारतीय वायुसेना की जवाबी रणनीति

दक्षिण एशिया में 'स्टेल्थ' युद्ध! क्या चीन के J-35 के दम पर भारत से आगे निकल जाएगा पाकिस्तान? जानें भारतीय वायुसेना की जवाबी रणनीति

रक्षा विशेष: चीनी स्टेल्थ विमान J-35 और भारतीय वायुसेना के समक्ष चुनौतियां

6 मई 2026 को रक्षा गलियारों में उस समय हलचल तेज हो गई जब चीन ने अपने अत्याधुनिक 5वीं पीढ़ी के स्टेल्थ लड़ाकू विमान J-35 के नए अपडेट और इसके निर्यात संस्करण की झलक पेश की। इस खुलासे के बाद सबसे बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि क्या पाकिस्तान, चीन की मदद से भारत से पहले 5वीं पीढ़ी (5th Generation) के लड़ाकू विमान उड़ाने लगेगा? यह अटकलें दक्षिण एशिया में हवाई शक्ति के संतुलन (Balance of Power) को लेकर एक नई बहस छेड़ चुकी हैं।

चीनी J-35: पाकिस्तान के लिए गेम चेंजर?

चीन का J-35 विमान अमेरिका के F-35 के जवाब में तैयार किया गया है। यह एक मल्टी-रोल स्टेल्थ फाइटर है जिसे रडार की नजरों से बचकर हमला करने के लिए डिजाइन किया गया है। हालिया रिपोर्टों के अनुसार, पाकिस्तान वायुसेना (PAF) के प्रमुख ने पहले ही संकेत दिए थे कि वे J-35 को अपने बेड़े में शामिल करने के लिए चीन के साथ बातचीत कर रहे हैं।

यदि यह सौदा धरातल पर उतरता है, तो पाकिस्तान इस क्षेत्र का पहला देश बन जाएगा जिसके पास ‘ऑपरेशनल’ स्टेल्थ फाइटर होगा। वर्तमान में, भारतीय वायुसेना के पास राफेल (Rafale) जैसे शानदार 4.5 पीढ़ी के विमान तो हैं, लेकिन स्टेल्थ (रडार से अदृश्य रहने की क्षमता) के मामले में 5वीं पीढ़ी का कोई विमान अभी बेड़े में शामिल नहीं है।

भारत का AMCA प्रोजेक्ट: स्थिति और चुनौतियां

भारत अपनी 5वीं पीढ़ी के लड़ाकू विमान की जरूरतों के लिए अपने स्वदेशी प्रोजेक्ट AMCA (Advanced Medium Combat Aircraft) पर भरोसा कर रहा है।

  • विकास की गति: AMCA प्रोजेक्ट को कैबिनेट कमेटी ऑन सिक्योरिटी (CCS) से मंजूरी मिल चुकी है, लेकिन इसका पहला प्रोटोटाइप और फिर पूर्ण उत्पादन (Mass Production) में अभी कुछ वर्षों का समय लग सकता है।
  • तकनीकी जटिलता: 5वीं पीढ़ी के विमान बनाना एक अत्यंत जटिल प्रक्रिया है। इसमें इंजन की ताकत, स्टेल्थ कोटिंग और उन्नत एवियोनिक्स का तालमेल बिठाना होता है, जिसमें भारत अभी डीआरडीओ (DRDO) और एचएएल (HAL) के माध्यम से काम कर रहा है।

विशेषज्ञों का कहना है कि अगर पाकिस्तान चीन से “बने-बनाए” J-35 विमान खरीद लेता है, तो वह समय के मामले में भारत पर बढ़त बना सकता है, क्योंकि भारत अपनी स्वदेशी तकनीक विकसित करने में समय ले रहा है।

क्या J-35 वास्तव में भारत के लिए खतरा है?

चीनी हथियारों की विश्वसनीयता पर अक्सर सवाल उठते रहे हैं, लेकिन J-35 की तकनीकी क्षमता को कमतर आंकना रणनीतिक भूल हो सकती है।

  1. रडार सिग्नेचर: J-35 का रडार क्रॉस-सेक्शन बहुत कम है, जिससे इसे रडार पर पकड़ना मुश्किल होता है।
  2. चीनी-पाक गठजोड़: चीन अक्सर पाकिस्तान को अपने अत्याधुनिक हथियार कम कीमत या आसान किस्तों पर मुहैया कराता है ताकि भारत पर दबाव बनाया जा सके।

हालांकि, भारतीय वायुसेना के पूर्व अधिकारियों का मानना है कि भारत का राफेल, अपने उन्नत रडार (AESA) और मिटिओर (Meteor) मिसाइल के दम पर चीनी विमानों को चुनौती देने में सक्षम है। इसके अलावा, भारत रूस से S-400 मिसाइल डिफेंस सिस्टम पहले ही तैनात कर चुका है, जो स्टेल्थ विमानों को ट्रैक करने की क्षमता रखता है।

भारतीय वायुसेना की रणनीति (Plan B)

भारत इस चुनौती से निपटने के लिए दोहरी रणनीति पर काम कर रहा है:

  • AMCA में तेजी: सरकार ने AMCA के विकास को प्राथमिकता दी है ताकि 2030 तक इसके पहले स्क्वाड्रन तैयार हो सकें।
  • MRFA टेंडर: भारत 114 नए मल्टी-रोल लड़ाकू विमानों (MRFA) को खरीदने की प्रक्रिया में है। इसमें अमेरिकी F-21, फ्रांस का राफेल और बोइंग के विमान शामिल हैं। चर्चा यह भी है कि क्या भारत अमेरिका से F-35 खरीदने की संभावनाओं पर विचार कर सकता है, हालांकि यह अभी पूरी तरह अटकलें हैं।

निष्कर्ष: समय की दौड़

पाकिस्तान और चीन का सैन्य गठबंधन भारत के लिए हमेशा से ‘टू-फ्रंट वॉर’ की चुनौती पेश करता रहा है। यदि पाकिस्तान भारत से पहले स्टेल्थ तकनीक हासिल करता है, तो यह भारत के लिए एक ‘अलार्म’ की तरह होगा। रक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि भारत को अपने AMCA प्रोजेक्ट की गति बढ़ानी होगी और साथ ही अंतरिम रूप से ऐसी तकनीक हासिल करनी होगी जो 5वीं पीढ़ी के विमानों का मुकाबला कर सके।

दक्षिण एशिया की आसमान की जंग अब केवल साहस और संख्या बल की नहीं, बल्कि ‘अदृश्य’ (Stealth) होने की तकनीक की हो गई है।

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