अभिषेक बनर्जी के कोलकाता आवास पर हमले का आरोप, TMC ने बताया BJP समर्थकों की करतूत; बंगाल के मंत्री दिलीप घोष बोले, “ड्रामा”
अभिषेक बनर्जी के कोलकाता आवास पर हमले का आरोप, TMC ने बताया BJP समर्थकों की करतूत; बंगाल के मंत्री दिलीप घोष बोले, "ड्रामा"
कोलकाता। तृणमूल कांग्रेस (TMC) के राष्ट्रीय महासचिव और डायमंड हार्बर से सांसद अभिषेक बनर्जी ने आरोप लगाया है कि शनिवार तड़के कोलकाता स्थित उनके आवास पर “भाजपा के गुंडों” ने हमला किया। दूसरी ओर, पश्चिम बंगाल के मंत्री दिलीप घोष ने इन आरोपों को खारिज करते हुए इसे “ड्रामा” बताया है। इस घटना के बाद राज्य में दोनों दलों के बीच जुबानी जंग तेज हो गई है। खबर में दिए गए सभी आरोप संबंधित पक्षों के दावे हैं और स्वतंत्र रूप से पुष्ट नहीं हुए हैं।
सोशल मीडिया पोस्ट में किया दावा
अभिषेक बनर्जी ने सोशल मीडिया मंच X पर पोस्ट कर बताया कि हमला तड़के करीब 2 बजे हुआ। उनके मुताबिक यह घटना उनके द्वारा एक वीडियो जारी करने के कुछ घंटे बाद हुई, जिसमें कथित तौर पर कुछ अज्ञात लोग उनके घर की रेकी करते दिख रहे थे।
उन्होंने अपने वीडियो संदेश में कहा कि सुबह रेकी का वीडियो जारी करने के बाद उनके घर पर हमला किया गया और यह सब कोलकाता पुलिस की निगरानी में हुआ। सांसद द्वारा साझा किए गए फुटेज में कुछ लोग उनके नाम वाले बैनर और पोस्टर फाड़ते दिखाई देते हैं।
“रिवॉल्वर लिए थे हमलावर” का आरोप
बनर्जी का दावा है कि कुछ हमलावरों के पास रिवॉल्वर थे और उनका इरादा सोच-समझकर जान से मारने का था। यह उनका निजी आरोप है। रिपोर्ट में पुलिस या किसी स्वतंत्र स्रोत से इसकी पुष्टि का उल्लेख नहीं है। हमले में किसी के घायल होने या गिरफ्तारी की जानकारी भी रिपोर्ट में नहीं दी गई है।
न्यायपालिका और पुलिस पर सवाल
अभिषेक बनर्जी ने सिर्फ BJP पर ही नहीं, पुलिस और न्यायपालिका पर भी निशाना साधा। उन्होंने कलकत्ता हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट पर आरोप लगाया कि वे ऐसी घटनाओं पर “मूकदर्शक” बने हुए हैं। उनका दावा है कि पिछले छह महीनों में उन्हें निशाना बनाकर कई हमले हुए हैं, लेकिन न पुलिस ने कार्रवाई की और न अदालतों ने दखल दिया।
अपनी पोस्ट में उन्होंने कहा कि न्यायपालिका के आंखें मूंद लेने के कारण राज्य भर में उपद्रवी बेलगाम हो गए हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि जब एक निर्वाचित सांसद के साथ ऐसा हो सकता है, तो आम आदमी की हालत की कल्पना की जा सकती है।
एक दिन पहले रेकी का आरोप
शुक्रवार को भी अभिषेक बनर्जी ने आरोप लगाया था कि पिछले दो दिनों से कुछ अज्ञात लोग उनके आवास की रेकी कर रहे हैं। उनके अनुसार, जब इन लोगों से पूछताछ की गई तो उन्होंने खुद को पुलिसकर्मी बताया।
इसी आधार पर उन्होंने सवाल उठाया कि राज्य पुलिस एक निर्वाचित सांसद के कार्यालय और घर की जासूसी क्यों कर रही है, किसने इसकी अनुमति दी और इसका उद्देश्य क्या है। उन्होंने पूरे मामले की व्यापक जांच की मांग की, ताकि यह पता चल सके कि इस कथित कार्रवाई का आदेश किसने दिया और उसके पीछे मंशा क्या थी।
जन्मदिन समारोह का संदर्भ
रिपोर्ट के मुताबिक, घटना के दिन बनर्जी का जन्मदिन समारोह भी था। रिपोर्टों में कहा गया है कि दिन में हुए इस समारोह के दौरान BJP और TMC दोनों के समर्थक मौजूद थे। इस बारे में ब्योरे सीमित हैं, इसलिए यह स्पष्ट नहीं है कि दिन में दोनों पक्षों के बीच क्या हुआ।
BJP का पलटवार: “ड्रामा”
BJP ने अभिषेक बनर्जी के आरोपों को सिरे से खारिज किया है। पश्चिम बंगाल के मंत्री दिलीप घोष ने कहा कि पहली बार देखा गया है कि किसी नेता का जन्मदिन फुटपाथ पर मनाया जा रहा है। उनके अनुसार, अगर कोई रात में उपद्रव करेगा तो विरोध होना स्वाभाविक है।
घोष ने सवाल उठाया कि अभिषेक बनर्जी की हत्या करने की फुर्सत किसके पास है। उनका आरोप है कि TMC के पास कोई मुद्दा नहीं बचा है, इसलिए भावनात्मक बयानबाजी के जरिए लोगों को गुमराह करने की कोशिश की जा रही है।
क्या हैं मायने
पश्चिम बंगाल की राजनीति में TMC और BJP के बीच तनाव कोई नई बात नहीं है। इस घटना में अभिषेक बनर्जी ने सीधे पुलिस और अदालतों पर भी सवाल उठाए हैं, जो मामले को और संवेदनशील बनाता है। वहीं BJP का रुख है कि यह पूरा मामला जनता का ध्यान भटकाने की रणनीति है। दोनों दावों में से किसी की भी पुष्टि जांच और आधिकारिक बयानों से ही हो सकेगी।
अब भी अनसुलझे सवाल
रिपोर्ट के आधार पर कई बातें अभी साफ नहीं हैं:
- क्या पुलिस ने इस घटना पर कोई आधिकारिक बयान जारी किया है
- क्या कोई शिकायत या एफआईआर दर्ज हुई है
- हमले के दावे की पुष्टि के लिए कोई स्वतंत्र सबूत सामने आया है या नहीं
- रेकी करने वाले कथित लोग कौन थे और क्या वे वाकई पुलिसकर्मी थे
- कथित हथियारों के दावे की जांच होगी या नहीं
आगे क्या
आने वाले दिनों में पुलिस की प्रतिक्रिया, किसी औपचारिक शिकायत और राजनीतिक बयानबाजी से तस्वीर साफ होने की उम्मीद है। अभिषेक बनर्जी पहले ही जांच की मांग कर चुके हैं, जबकि BJP इसे नाटक बता रही है।
नोट: मूल रिपोर्ट के मेटा विवरण में TMC को “सत्तारूढ़” और BJP को “विपक्ष” लिखा गया है, पर खबर के मुख्य हिस्से में दिलीप घोष को राज्य का मंत्री बताया गया है। इस विरोधाभास के कारण मैंने किसी दल को सत्तारूढ़ या विपक्ष नहीं लिखा है। प्रकाशन से पहले इसकी पुष्टि कर लें।
