क्या INDIA गठबंधन की बैठक में शामिल होगी विजय की TVK? DMK ने बनाई अहम रणनीति सत्र से दूरी

0
क्या INDIA गठबंधन की बैठक में शामिल होगी विजय की TVK? DMK ने बनाई अहम रणनीति सत्र से दूरी

क्या INDIA गठबंधन की बैठक में शामिल होगी विजय की TVK? DMK ने बनाई अहम रणनीति सत्र से दूरी

नई दिल्ली: तमिलनाडु की राजनीति में इन दिनों एक बड़ा और ऐतिहासिक बदलाव देखने को मिल रहा है, जिसकी गूंज अब देश की राजधानी दिल्ली तक पहुंच गई है। विपक्ष के ‘इंडिया’ (INDIA) गठबंधन की इस हफ्ते नई दिल्ली में एक बेहद अहम रणनीतिक बैठक होने जा रही है। लेकिन इस बैठक से पहले ही दो बड़ी राजनीतिक घटनाओं ने पूरे देश का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है। पहला—सत्तारूढ़ द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (DMK) का इस बैठक से अचानक किनारा कर लेना, और दूसरा—तमिल सिनेमा के सुपरस्टार से राजनेता बने ‘थलापति’ विजय की पार्टी ‘तमिलगा वेत्री कड़गम’ (TVK) के राष्ट्रीय विपक्षी मंच पर शामिल होने को लेकर तेज होती अटकलें।

जैसे-जैसे 2026 के तमिलनाडु विधानसभा चुनाव नजदीक आ रहे हैं, राजनीतिक वफादारियों और रणनीतियों में हो रहा यह बड़ा फेरबदल राज्य की पारंपरिक ‘बाइपोलर’ (दो-ध्रुवीय) राजनीति को पूरी तरह से बदलने का संकेत दे रहा है।

DMK का बैठक से किनारा: गठबंधन में दरार या सोची-समझी रणनीति?

दिल्ली में होने वाली INDIA गठबंधन की इस महत्वपूर्ण रणनीतिक बैठक में शामिल न होने के DMK के फैसले ने राष्ट्रीय विपक्षी खेमे में हलचल तेज कर दी है। ऐतिहासिक रूप से, तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन बीजेपी विरोधी गठबंधन के सबसे मजबूत और मुखर स्तंभों में से एक रहे हैं। लेकिन इस हाई-वोल्टेज बैठक से दूरी बनाने का उनका फैसला DMK की राजनीतिक प्राथमिकताओं में एक बड़े बदलाव की ओर इशारा कर रहा है।

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इस रणनीतिक वापसी के पीछे कई अहम कारण हो सकते हैं:

  • सीट-बंटवारे को लेकर खींचतान: राज्य में विधानसभा चुनाव सिर पर हैं और DMK पर ज्यादा से ज्यादा सीटों पर चुनाव लड़ने का भारी दबाव है। बताया जा रहा है कि राष्ट्रीय सहयोगी, विशेषकर कांग्रेस, तमिलनाडु में अपने लिए बड़े हिस्से की मांग कर रहे हैं। दिल्ली की बैठक को छोड़कर DMK एक कड़ा संदेश देना चाहती है कि राज्य में गठबंधन की लगाम किसके हाथों में है।
  • सत्ता विरोधी लहर (Anti-Incumbency) से निपटना: तमिलनाडु के आगामी चुनावों को देखते हुए, DMK आलाकमान अपना पूरा ध्यान स्थानीय सत्ता-विरोधी लहर को कम करने और शासन प्रणाली को सुधारने पर केंद्रित कर रहा है। पार्टी नहीं चाहती कि उसका समय राष्ट्रीय राजनीति के ऐसे गठबंधनों में बर्बाद हो, जिसका सीधा फायदा राज्य के चुनावों में न मिले।
  • विजय की TVK का ‘फैक्टर’: ऐसी भी अटकलें हैं कि DMK इस बात से नाराज है कि राष्ट्रीय विपक्षी नेता तमिलनाडु में नए और उभरते क्षेत्रीय खिलाड़ियों (जैसे विजय की TVK) के साथ ‘बैकडोर’ बातचीत कर रहे हैं। DMK इसे राज्य में अपने एकाधिकार और गठबंधन में अपनी सर्वोच्चता को कमजोर करने की कोशिश के रूप में देख रही है।

क्या ‘थलापति’ विजय राष्ट्रीय राजनीति में करेंगे ग्रैंड एंट्री?

इस पूरे राजनीतिक ड्रामे में सबसे बड़ा ‘वाइल्डकार्ड’ थलापति विजय और उनकी नई नवेली राजनीतिक पार्टी, ‘तमिलगा वेत्री कड़गम’ (TVK) है। जब से विजय ने सिनेमा की दुनिया को छोड़कर आधिकारिक तौर पर राजनीतिक अखाड़े में कदम रखा है, उन्होंने तमिलनाडु के युवाओं और पहली बार वोट देने वाले मतदाताओं के बीच एक जबरदस्त क्रेज पैदा कर दिया है। विजय खुद को डीएमके (DMK) और एआईएडीएमके (AIADMK) के दशकों पुराने एकाधिकार के एक मजबूत विकल्प के रूप में पेश कर रहे हैं।

दिल्ली के राजनीतिक गलियारों में अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या TVK के प्रतिनिधि या खुद विजय INDIA गठबंधन की इस बैठक में शिरकत करेंगे? विपक्ष के लिए विजय को अपने पाले में लाना किसी ‘मास्टरस्ट्रोक’ से कम नहीं होगा।

INDIA गठबंधन TVK को क्यों चाहता है?

  • अपार जनसमर्थन: विजय के पास एक ऐसा अभूतपूर्व फैन बेस है जो जाति और धर्म की सीमाओं से परे है। युवाओं के बीच उनकी लोकप्रियता विपक्षी गठबंधन के लिए दक्षिण भारत में एक बड़ा वोट बैंक साबित हो सकती है।
  • AIADMK और BJP के खिलाफ मजबूत मोर्चा: अगर पारंपरिक द्रविड़ दल और एक करिश्माई नया नेता एक साथ आ जाएं, तो एनडीए (NDA) के खिलाफ दक्षिण में एक ऐसा किला तैयार होगा जिसे भेद पाना लगभग असंभव होगा।

विजय क्यों हिचकिचा सकते हैं?

  • एंटी-एस्टेब्लिशमेंट छवि: TVK की पूरी राजनीतिक पहचान एक ‘सिस्टम-विरोधी’ ताकत के रूप में बनी है। INDIA गठबंधन में शामिल होने का मतलब होगा DMK (जो वर्तमान में सत्ता में है) के साथ मंच साझा करना। विजय उसी सरकार को उखाड़ फेंकने के लिए प्रचार कर रहे हैं, ऐसे में DMK के साथ गठबंधन उनकी छवि को भारी नुकसान पहुंचा सकता है।
  • स्वतंत्र पहचान खोने का डर: अपने राजनीतिक करियर की शुरुआत में ही किसी बड़े राष्ट्रीय गठबंधन में शामिल होने से विजय का ‘स्वतंत्र ब्रांड’ कमजोर हो सकता है। विजय के रणनीतिकार उन अभिनेताओं के हश्र से अच्छी तरह वाकिफ हैं जिन्होंने अपनी पार्टियों का विलय बड़े दलों में कर दिया और अपनी अनूठी अपील खो दी।

कांग्रेस के लिए तमिलनाडु में ‘धर्मसंकट’

इस पूरे घटनाक्रम ने भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (INC) को एक बेहद नाजुक स्थिति में डाल दिया है। कांग्रेस सालों से तमिलनाडु में अपनी संसदीय संख्या सुरक्षित करने के लिए DMK के मजबूत जमीनी संगठन पर निर्भर रही है। लेकिन अब, जब DMK कड़े तेवर दिखा रही है और दिल्ली के सत्र से गायब है, तो कांग्रेस को अपने विकल्पों पर फिर से विचार करने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है।

कांग्रेस आलाकमान के कुछ नेता विजय की TVK से संपर्क साधने को एक जरूरी ‘इंश्योरेंस पॉलिसी’ के रूप में देख रहे हैं। अगर DMK 2026 के राज्य चुनाव अकेले लड़ने का फैसला करती है या सहयोगियों की सीटें काटती है, तो कांग्रेस को राज्य में प्रासंगिक बने रहने के लिए एक करिश्माई चेहरे की जरूरत होगी। हालांकि, TVK को खुलकर आमंत्रित करने से एम.के. स्टालिन हमेशा के लिए नाराज हो सकते हैं, जिससे कांग्रेस का सबसे स्थिर गठबंधन टूट सकता है।

2026 विधानसभा चुनाव की बिसात

इस सप्ताह नई दिल्ली में जो भी दांव-पेंच खेले जा रहे हैं, वे सीधे तौर पर 2026 के तमिलनाडु विधानसभा चुनाव से जुड़े हैं। राज्य इस समय एक ऐतिहासिक राजनीतिक चौराहे पर खड़ा है। AIADMK अपना खोया हुआ गौरव वापस पाने के लिए संघर्ष कर रही है, BJP आक्रामक तरीके से दक्षिण में अपना विस्तार करने की कोशिश कर रही है, DMK अपनी सत्ता बनाए रखने की लड़ाई लड़ रही है, और TVK इस पूरे सिस्टम को चुनौती दे रही है।

अगर विजय की TVK INDIA गठबंधन की बैठक में शामिल होती है, तो यह संकेत देगा कि वह अपनी राजनीतिक विचारधारा से ज्यादा NDA को हराने को प्राथमिकता दे रहे हैं। यह TVK को रातों-रात एक क्षेत्रीय स्टार्टअप से राष्ट्रीय स्तर का खिलाड़ी बना देगा। वहीं, अगर TVK (DMK की तरह) बैठक से बाहर रहती है, तो यह साबित हो जाएगा कि विजय ‘एकला चलो रे’ की रणनीति पर कायम हैं और राष्ट्रीय गठबंधनों की बैसाखी के बिना राज्य जीतने का माद्दा रखते हैं।

Please follow and like us:
Pin Share

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You may have missed