सिंडी क्रॉफर्ड के बेटे प्रेस्ले गेरबर का 27 साल की उम्र में निधन, मौत से ठीक पहले आखिरी इंस्टाग्राम पोस्ट में छलका था डर
सिंडी क्रॉफर्ड के बेटे प्रेस्ले गेरबर का 27 साल की उम्र में निधन, मौत से ठीक पहले आखिरी इंस्टाग्राम पोस्ट में छलका था डर
हॉलीवुड और फैशन जगत से एक बेहद चौंकाने वाली और दुखद खबर सामने आई है। मशहूर सुपरमॉडल सिंडी क्रॉफर्ड (Cindy Crawford) और एंटरप्रेन्योर रैंडे गेरबर (Rande Gerber) के बेटे और जाने-माने मॉडल प्रेस्ले गेरबर (Presley Gerber) का 27 साल की उम्र में निधन हो गया है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, 20 सितंबर 2026 को एक रिहैबिलिटेशन सेंटर (नशामुक्ति केंद्र) में इलाज के दौरान उन्होंने अपनी आखिरी सांस ली। प्रेस्ले लंबे समय से नशे की लत और मानसिक स्वास्थ्य से जुड़ी समस्याओं से जूझ रहे थे।
इस दुखद घटना ने न सिर्फ उनके परिवार को तोड़ कर रख दिया है, बल्कि पूरी दुनिया का ध्यान एक बार फिर हॉलीवुड में युवाओं के मानसिक स्वास्थ्य और नशे की लत (Drug Addiction) जैसी गंभीर समस्या की ओर खींचा है। इस सबके बीच, प्रेस्ले का आखिरी इंस्टाग्राम पोस्ट सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसमें उन्होंने एक बेहद प्रायोगिक (experimental) ‘साइकेडेलिक ट्रीटमेंट’ (Psychedelic Treatment) से ठीक पहले अपने मन का डर बयां किया था।

आखिरी इंस्टाग्राम पोस्ट: “मैं पूरी तरह से डरा हुआ हूँ”
आज के डिजिटल युग में सोशल मीडिया अक्सर उन लोगों की मानसिक स्थिति का आईना बन जाता है जो अंदर ही अंदर एक गहरी लड़ाई लड़ रहे होते हैं। प्रेस्ले गेरबर के साथ भी कुछ ऐसा ही हुआ। निधन से कुछ ही समय पहले उन्होंने अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर एक पोस्ट साझा किया था। यह पोस्ट क्लिनिकल साइकेडेलिक ट्रीटमेंट के शुरू होने से ठीक पहले का था।
अपनी पोस्ट के कैप्शन में प्रेस्ले ने अपनी घबराहट और खौफ को छिपाया नहीं, बल्कि पूरी ईमानदारी से लिखा कि वह “पूरी तरह से डरे हुए हैं” (was absolutely terrified)।
उनका यह बयान इस बात को उजागर करता है कि जब कोई व्यक्ति अपनी लत और मानसिक आघात (trauma) से छुटकारा पाने के लिए पारंपरिक तरीकों (traditional rehab) से हार जाता है, तो उसे कितने खतरनाक और डरावने चिकित्सा विकल्पों से गुजरना पड़ता है। यह पोस्ट उनके फैंस और परिवार के लिए अब एक बेहद दर्दनाक याद बन गई है।
क्या है साइकेडेलिक ट्रीटमेंट जिससे डरे हुए थे प्रेस्ले?
प्रेस्ले के आखिरी पलों और उनके डर को समझने के लिए यह जानना जरूरी है कि साइकेडेलिक ट्रीटमेंट क्या होता है। हाल के वर्षों में, गंभीर नशे की लत और डिप्रेशन से जूझ रहे मरीजों के लिए आधुनिक रिहैब सेंटर्स में ‘साइकेडेलिक-असिस्टेड थेरेपी’ (Ketamine, Psilocybin, या Ibogaine का उपयोग) का चलन बढ़ा है।
- इलाज का लक्ष्य: इस थेरेपी का उद्देश्य दिमाग के न्यूरल पाथवे (neural pathways) को रीसेट करना होता है। यह इंसान के मस्तिष्क के रसायन को कुछ समय के लिए बदल देता है, जिससे वह अपने दर्द, डिप्रेशन और नशे की लत को एक अलग और निष्पक्ष नजरिए से देख सके।
- मरीज का अनुभव: यह अनुभव मानसिक रूप से बहुत थका देने वाला और डरावना हो सकता है। इसमें मरीजों को अक्सर अपने सबसे गहरे डर, छिपी हुई बुरी यादों और अपनी लत के असली कारणों का सीधा सामना करना पड़ता है।
- डर का कारण: मनोविज्ञान में इसे “ईगो डिसॉल्यूशन” (ego dissolution) कहा जाता है, जहां इंसान खुद पर से अपना नियंत्रण खोता हुआ महसूस करता है। प्रेस्ले ने जिस डर का जिक्र किया था, वह इसी अज्ञात और गहरी मानसिक प्रक्रिया में जाने का डर था।
नशे की लत से एक दशक लंबी और दर्दनाक लड़ाई
प्रेस्ले गेरबर का जीवन बाहर से जितना चकाचौंध भरा दिखता था, अंदर से वह उतना ही संघर्षपूर्ण था। अपनी मां सिंडी क्रॉफर्ड के स्टारडम और पिता के बड़े बिजनेस अंपायर के बीच पले-बढ़े प्रेस्ले के लिए अपनी एक अलग पहचान बनाना कभी आसान नहीं रहा।
हालांकि उन्होंने मॉडलिंग की दुनिया में शुरुआत में काफी सफलता हासिल की और मोस्किनो (Moschino) व डोल्से एंड गब्बाना (Dolce & Gabbana) जैसे बड़े लग्जरी ब्रांड्स के लिए रैंप वॉक भी किया। लेकिन उनकी निजी जिंदगी लगातार विवादों और नशे के साए में रही।
साल 2019 में, प्रेस्ले को ‘ड्राइविंग अंडर इन्फ्लुएंस’ (DUI) यानी नशे की हालत में गाड़ी चलाने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। इसके कुछ समय बाद उन्होंने अपने चेहरे पर “MISUNDERSTOOD” (गलत समझा गया) का टैटू बनवाकर सुर्खियां बटोरी थीं। यह टैटू दुनिया के लिए एक संदेश था कि वह अंदर से कितनी उथल-पुथल से गुजर रहे थे। दुनिया के बेहतरीन रिहैब और मेडिकल सुविधाओं तक पहुंच होने के बावजूद, नशे की लत ने उनकी जान ले ली। यह साबित करता है कि मानसिक बीमारी और लत किसी भी इंसान को अपना शिकार बना सकती है, चाहे उसके पास कितनी भी दौलत या शोहरत क्यों न हो।
क्रॉफर्ड-गेरबर परिवार सदमे में
प्रेस्ले का जाना क्रॉफर्ड-गेरबर परिवार के लिए एक ऐसा नुकसान है जिसकी भरपाई कभी नहीं की जा सकती। सिंडी क्रॉफर्ड, रैंडे गेरबर और प्रेस्ले की छोटी बहन (जो खुद एक बेहद सफल सुपरमॉडल हैं) काया गेरबर (Kaia Gerber) ने हमेशा एक-दूसरे का मजबूती से साथ दिया है। परिवार ने हमेशा प्रेस्ले को नशे की लत से बाहर निकालने की कोशिश की और उनके हर रिहैब सेशन के दौरान ढाल बनकर खड़े रहे।
फिलहाल परिवार ने मीडिया से दूरी बनाई हुई है और वे निजी तौर पर इस अपूरणीय क्षति का शोक मना रहे हैं। यह घटना साल 2021 में 90 के दशक की एक और सुपरमॉडल स्टेफनी सीमोर (Stephanie Seymour) के बेटे हैरी ब्रैंट के निधन की याद दिलाती है, जिनकी जान भी ड्रग ओवरडोज के कारण महज 24 साल की उम्र में चली गई थी।
मानसिक स्वास्थ्य के प्रति एक सख्त चेतावनी
प्रेस्ले गेरबर का निधन केवल हॉलीवुड की एक गपशप या सेलिब्रिटी न्यूज़ नहीं है; यह समाज के लिए एक गंभीर चेतावनी है। उनके अंतिम शब्द उन लोगों की मानसिक पीड़ा को बयां करते हैं जो नशे और डिप्रेशन की जंजीरों में जकड़े हुए हैं।
इस घटना ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि मानसिक स्वास्थ्य और नशे की लत को हल्के में नहीं लिया जा सकता। समाज को इस बीमारी से जुड़े कलंक (stigma) को मिटाना होगा और पीड़ितों के प्रति अधिक सहानुभूति और बेहतर चिकित्सा विकल्प प्रदान करने होंगे। प्रेस्ले की कहानी भले ही आज खत्म हो गई हो, लेकिन उनका संघर्ष उन लाखों युवाओं के लिए एक अलार्म है जिन्हें आज मदद की जरूरत है।
