फीफा विश्व कप 2026: इंग्लैंड ने रोमांचक मुकाबले में क्रोएशिया को 4-2 से हराया, थॉमस ट्यूशेल की रणनीति ने पलटा खेल

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फीफा विश्व कप 2026: इंग्लैंड ने रोमांचक मुकाबले में क्रोएशिया को 4-2 से हराया, थॉमस ट्यूशेल की रणनीति ने पलटा खेल

फीफा विश्व कप 2026: इंग्लैंड ने रोमांचक मुकाबले में क्रोएशिया को 4-2 से हराया, थॉमस ट्यूशेल की रणनीति ने पलटा खेल

अर्लिंग्टन, टेक्सास — डलास स्टेडियम में खेले गए फीफा विश्व कप 2026 (FIFA World Cup 2026) के ग्रुप एल (Group L) के पहले और बेहद रोमांचक मुकाबले में इंग्लैंड ने क्रोएशिया को 4-2 से हराकर अपने अभियान की शानदार शुरुआत की है। इस मैच को न केवल इंग्लैंड की आक्रामक वापसी के लिए याद रखा जाएगा, बल्कि कप्तान हैरी केन (Harry Kane) के ऐतिहासिक रिकॉर्ड और मैनेजर थॉमस ट्यूशेल (Thomas Tuchel) की हाफटाइम के दौरान दी गई प्रेरणादायक स्पीच के लिए भी जाना जाएगा।

इस जीत ने यह साबित कर दिया है कि इंग्लैंड की टीम अब पुराने रक्षात्मक खोल से बाहर आ चुकी है और विश्व कप खिताब की सबसे मजबूत दावेदार बन गई है।

पहला हाफ: गोलों की बारिश और डिफेंस की कमियां

मैच की शुरुआत से ही दोनों टीमों के बीच जबरदस्त टक्कर देखने को मिली। 45 मिनट का खेल पूरी तरह से उतार-चढ़ाव और ड्रामे से भरा रहा। इंग्लैंड ने शानदार शुरुआत की और खेल के 12वें मिनट में ही बढ़त बना ली। नोनी मडुके (Noni Madueke) को पेनल्टी बॉक्स के अंदर क्रोएशिया के अनुभवी मिडफील्डर लुका मोड्रिच ने फाउल किया। हैरी केन पेनल्टी लेने आए, लेकिन क्रोएशियाई गोलकीपर डोमिनिक लिवाकोविच (Dominik Livakovic) ने पहला प्रयास रोक लिया। हालांकि, VAR रीप्ले में देखा गया कि लिवाकोविच ने किक से पहले ही लाइन छोड़ दी थी, जिसके कारण पेनल्टी दोबारा लेने का आदेश दिया गया। इस बार केन ने कोई गलती नहीं की और गेंद को नेट में उलझाकर इंग्लैंड को 1-0 की बढ़त दिला दी।

लेकिन 2018 विश्व कप के फाइनलिस्ट रहे क्रोएशिया ने हार नहीं मानी। 36वें मिनट में मार्टिन बतुरिना (Martin Baturina) ने बॉक्स के बाहर से एक शानदार शॉट लगाकर स्कोर 1-1 से बराबर कर दिया। इंग्लैंड के गोलकीपर जॉर्डन पिकफोर्ड (Jordan Pickford) इस शॉट को रोकने में पूरी तरह से असमर्थ रहे।

इसके कुछ ही मिनटों बाद (42वें मिनट में), हैरी केन ने डेक्लान राइस (Declan Rice) की एक बेहतरीन कॉर्नर किक पर हेडर के जरिए गोल दागकर इंग्लैंड को फिर से 2-1 से आगे कर दिया। यह गोल हैरी केन के करियर के लिए बेहद खास था क्योंकि इसके साथ ही उन्होंने इंग्लैंड के लिए विश्व कप में सर्वाधिक गोल (10 गोल) करने के गैरी लिनेकर (Gary Lineker) के महान रिकॉर्ड की बराबरी कर ली।

हालांकि, पहले हाफ के इंजरी टाइम (45+4′) में इंग्लैंड के डिफेंस की चूक का फायदा उठाते हुए क्रोएशिया के पेटार मूसा (Petar Musa) ने इवान पेरिसिच के पास पर गोल कर दिया और हाफटाइम तक स्कोर 2-2 की बराबरी पर ला खड़ा किया।

हाफटाइम का टर्निंग पॉइंट: ट्यूशेल का मास्टरक्लास

इंग्लैंड की टीम ड्रेसिंग रूम में जब लौटी, तो उनके चेहरे पर वही पुराना डर और निराशा थी। वे बढ़त बनाने के बाद बार-बार अपनी लय खो रहे थे और ज्यादा रक्षात्मक (Defensive) खेल रहे थे। यह वह शैली थी जिसके लिए इंग्लैंड के पूर्व कोच गैरेथ साउथगेट को अक्सर आलोचना का सामना करना पड़ता था।

लेकिन नए मैनेजर थॉमस ट्यूशेल (Thomas Tuchel) ने हाफटाइम में खिलाड़ियों की सोच को पूरी तरह से बदल दिया। मैच के बाद ट्यूशेल ने प्रेस को बताया, “हम बहुत सुरक्षित खेल रहे थे और पीछे हट रहे थे। हमारा पूरा ध्यान सिर्फ नतीजे को बचाने पर था।” उन्होंने अपने खिलाड़ियों से स्पष्ट कहा: “भले ही हम हार जाएं… लेकिन हम अपने तरीके (आक्रामक फुटबॉल) से खेलेंगे।” ट्यूशेल के इस संदेश ने खिलाड़ियों के अंदर से हार का डर निकाल दिया।

दूसरा हाफ: जुड बेलिंगहैम और मार्कस रैशफोर्ड का जलवा

ट्यूशेल की प्रेरणादायक स्पीच का असर मैदान पर तुरंत दिखा। दूसरे हाफ की शुरुआत के मात्र दो मिनट बाद (47वें मिनट), जुड बेलिंगहैम (Jude Bellingham) ने दाईं ओर से अकेले गेंद को आगे बढ़ाया और एक शक्तिशाली शॉट के जरिए शानदार गोल दागकर इंग्लैंड को 3-2 की अहम बढ़त दिला दी।

इस गोल के बाद इंग्लैंड की टीम रुकी नहीं। उन्होंने क्रोएशियाई टीम पर लगातार दबाव बनाया और “फुल गैस” (Full Gas) फुटबॉल का प्रदर्शन किया। क्रोएशियाई गोलकीपर लिवाकोविच को कई शानदार बचाव करने पड़े, जिसमें एक समय उन्होंने लगातार तीन शॉट (Triple Save) रोककर अपनी टीम को मैच में बनाए रखा।

मैच के अंतिम क्षणों में ट्यूशेल ने अपनी बेंच स्ट्रेंथ का शानदार इस्तेमाल किया। मार्कस रैशफोर्ड (Marcus Rashford) और बुकायो साका (Bukayo Saka) को मैदान में उतारा गया। इस बदलाव ने क्रोएशिया के थके हुए डिफेंस को पूरी तरह से तोड़ दिया। 85वें मिनट में, साका के बेहतरीन पास पर रैशफोर्ड ने एक सटीक फिनिश के साथ गेंद को नेट में डाल दिया और इंग्लैंड की 4-2 से जीत सुनिश्चित कर दी।

आगे की राह (Group L Scenarios)

इस धमाकेदार जीत के साथ इंग्लैंड ने ग्रुप एल (Group L) में खुद को एक बेहद मजबूत स्थिति में पहुंचा दिया है। इंग्लैंड का अगला मुकाबला घाना (Ghana) से होगा, और अगर वे इसी फॉर्म को बरकरार रखते हैं, तो नॉकआउट चरण में उनकी जगह लगभग पक्की हो जाएगी। दूसरी ओर, क्रोएशिया को टूर्नामेंट में अपनी उम्मीदें जिंदा रखने के लिए पनामा (Panama) के खिलाफ हर हाल में जीत दर्ज करनी होगी।

यह मुकाबला केवल एक जीत नहीं था, बल्कि यह इंग्लैंड फुटबॉल के नए युग का संकेत था—एक ऐसा युग जहां टीम दबाव में पीछे हटने के बजाय, आक्रामकता और आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ना जानती है। थॉमस ट्यूशेल के नेतृत्व में यह इंग्लैंड की टीम विश्व कप 2026 के सबसे खतरनाक दावेदारों में से एक बनकर उभरी है।

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