हार्वे वीनस्टीन का ‘खौफनाक चेहरा’ फिर आया सामने: पूर्व अभिनेत्री ने सुनाई ‘टॉरचरस थ्रीसम’ की दर्दनाक कहानी, कहा- ‘मैं मानसिक रूप से टूट गई थी’

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हार्वे वीनस्टीन का 'खौफनाक चेहरा' फिर आया सामने: पूर्व अभिनेत्री ने सुनाई 'टॉरचरस थ्रीसम' की दर्दनाक कहानी, कहा- 'मैं मानसिक रूप से टूट गई थी'

हार्वे वीनस्टीन का 'खौफनाक चेहरा' फिर आया सामने: पूर्व अभिनेत्री ने सुनाई 'टॉरचरस थ्रीसम' की दर्दनाक कहानी, कहा- 'मैं मानसिक रूप से टूट गई थी'

न्यूयॉर्क: हॉलीवुड के पूर्व दिग्गज फिल्म निर्माता हार्वे वीनस्टीन (Harvey Weinstein) के खिलाफ चल रहे बलात्कार के ताजा मुकदमे ने एक बार फिर फिल्म उद्योग के काले रहस्यों को उजागर कर दिया है। न्यूयॉर्क की एक अदालत में चल रही गवाही के दौरान, एक पूर्व अभिनेत्री ने वीनस्टीन के साथ हुए अपने “टॉरचरस” (यातनादायक) अनुभवों को साझा करते हुए बताया कि कैसे एक “थ्रीसम” (थ्रीसम) के दौरान उन्हें मानसिक और शारीरिक प्रताड़ना का सामना करना पड़ा, जिसके कारण वे पूरी तरह से टूट गई थीं।

यह मामला 29 अप्रैल, 2026 को तब सुर्खियों में आया जब वीनस्टीन के तीसरे मुकदमे (Retrial) के दौरान गवाहों ने उनके कथित यौन दुराचारों की ऐसी परतें खोलीं, जिन्होंने कोर्ट रूम में मौजूद हर शख्स को झकझोर कर रख दिया।

‘टॉरचरस थ्रीसम’ और बेबसी की दास्तां

अदालत में गवाही देते हुए पूर्व अभिनेत्री और हेयरस्टाइलिस्ट जेसिका मान (Jessica Mann) ने उस भयावह रात का विवरण दिया, जिसने उनके जीवन को हमेशा के लिए बदल दिया। मान ने जजों और जूरी के सामने रोते हुए बताया कि वीनस्टीन ने उन्हें एक होटल के कमरे में फंसा लिया था और उन्हें एक “थ्रीसम” में शामिल होने के लिए मजबूर किया।

उन्होंने बताया कि उस स्थिति में वे खुद को इतना असहाय और अपमानित महसूस कर रही थीं कि उनका मानसिक संतुलन बिगड़ गया था। जेसिका के अनुसार, वीनस्टीन ने उनके साथ “एक वस्तु” की तरह व्यवहार किया और उनकी बार-बार की गई ‘ना’ को पूरी तरह से नजरअंदाज कर दिया। उन्होंने कहा, “वह मुझे ऐसे ट्रीट कर रहा था जैसे मैं उसकी जागीर हूं। मैंने बार-बार मना किया, वहां से निकलने की कोशिश की, लेकिन उसने मेरी एक नहीं सुनी।”

मानसिक रूप से टूटना और ‘डिसोसिएशन’

गवाही के दौरान जेसिका मान कई बार भावुक हुईं। उन्होंने अदालत को बताया कि उस घटना के बाद उन्हें ‘ब्रेकडाउन’ (मानसिक रूप से टूटना) का सामना करना पड़ा। उन्होंने ‘डिसोसिएशन’ (Dissociation) शब्द का इस्तेमाल करते हुए समझाया कि कैसे तनाव के कारण वे वास्तविकता से कट गई थीं और उन्हें अपने आसपास की आवाजें सुनाई देना बंद हो गई थीं।

गुरुवार (30 अप्रैल) को गवाही के दौरान स्थिति इतनी तनावपूर्ण हो गई कि कोर्ट की कार्यवाही को समय से पहले रोकना पड़ा। जेसिका ने जज से कहा कि वे बहुत कम सो पाई हैं और मानसिक तनाव के कारण उन्हें गवाही देने में काफी कठिनाई हो रही है।

वीनस्टीन का पक्ष और बचाव दल के तर्क

दूसरी ओर, 73 वर्षीय हार्वे वीनस्टीन के वकीलों ने इन सभी आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है। बचाव पक्ष का तर्क है कि जेसिका मान और वीनस्टीन के बीच का रिश्ता पूरी तरह से सहमति (Consensual) पर आधारित था और यह एक जटिल लेकिन देखभाल करने वाला रिश्ता था।

वीनस्टीन के वकीलों ने अदालत में जेसिका द्वारा साल 2013 में खुद को लिखे गए एक पुराने नोट को पेश किया। इस नोट में उन्होंने किसी व्यक्ति (जिसका नाम नहीं लिया गया था) के प्रति अपनी भावनात्मक लगाव और एक प्यार भरे रिश्ते की इच्छा के बारे में लिखा था। वकीलों ने तर्क दिया कि इस नोट में कहीं भी बलात्कार या हमले का जिक्र नहीं है, जो यह साबित करता है कि उनके बीच जो कुछ भी हुआ वह आपसी सहमति से था। उनका कहना है कि जेसिका केवल वीनस्टीन के साथ जुड़कर करियर में लाभ उठाना चाहती थीं।

मुकदमे का लंबा इतिहास

हार्वे वीनस्टीन को पहली बार 2020 में दोषी ठहराया गया था, लेकिन बाद में एक अपीलीय अदालत ने तकनीकी आधार पर उस फैसले को पलट दिया। यह उनका तीसरा मुकदमा है, जो न्यूयॉर्क में चल रहा है। वीनस्टीन, जो वर्तमान में स्वास्थ्य समस्याओं और जेल की सजा का सामना कर रहे हैं, हमेशा से ही किसी भी तरह के गैर-सहमति वाले यौन संबंध से इनकार करते आए हैं।

हॉलीवुड और #MeToo अभियान पर प्रभाव

वीनस्टीन का मामला ही वह चिंगारी थी जिसने वैश्विक स्तर पर #MeToo अभियान को जन्म दिया था। इस नई गवाही ने एक बार फिर यह बहस छेड़ दी है कि क्या फिल्म उद्योग में ‘कास्टिंग काउच’ और शक्तिशाली पुरुषों द्वारा महिलाओं का शोषण आज भी एक कड़वी हकीकत है।

विशेषज्ञों का मानना है कि जेसिका मान जैसी महिलाओं का आगे आकर अपनी बात रखना अन्य पीड़ितों को भी हिम्मत देता है। हालांकि, कोर्ट में जिस तरह से उनके पुराने निजी संदेशों और डायरी के पन्नों को उनके खिलाफ इस्तेमाल किया जा रहा है, वह यह भी दर्शाता है कि न्याय की लड़ाई कितनी कठिन और मानसिक रूप से थका देने वाली हो सकती है।

निष्कर्ष

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