एफबीआई की वांटेड लिस्ट से सीधे हिरासत में: अमेरिका में पकड़ा गया भगवानपुरिया गैंग का गुर्गा नीतीश कौशल
एफबीआई की वांटेड लिस्ट से सीधे हिरासत में: अमेरिका में पकड़ा गया भगवानपुरिया गैंग का गुर्गा नीतीश कौशल
लॉस एंजिल्स/नई दिल्ली: अंतरराष्ट्रीय कानून प्रवर्तन एजेंसियों को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। अमेरिका की संघीय जांच एजेंसी (FBI) ने भारत से संचालित होने वाले ‘भगवानपुरिया संगठित अपराध समूह’ (Bhagwanpuria Organised Crime Group) के एक कुख्यात गैंगस्टर नीतीश कौशल को गिरफ्तार कर लिया है। आपराधिक दुनिया में ‘लाला’ के नाम से मशहूर 26 वर्षीय कौशल को गुरुवार को अमेरिकी एजेंसी ने हिरासत में लिया। यह गिरफ्तारी ऐसे समय में हुई है जब कुछ ही दिन पहले एफबीआई ने उसे अपनी ‘मोस्ट वांटेड’ सूची में शामिल किया था।
नीतीश कौशल पर हत्या, अपहरण, मादक पदार्थों की तस्करी (ड्रग ट्रैफिकिंग), रंगदारी (एक्सटॉर्शन), हथियारों की तस्करी, मनी लॉन्ड्रिंग और मानव तस्करी जैसे कई गंभीर आपराधिक गतिविधियों में शामिल होने का आरोप है। उसकी गिरफ्तारी को उत्तर अमेरिका में जड़ें जमा चुके भारतीय आपराधिक सिंडिकेट के लिए एक बड़े झटके के तौर पर देखा जा रहा है।
वांटेड लिस्ट से गिरफ्तारी तक का घटनाक्रम
पंजाब में साल 2000 में जन्मे नीतीश कौशल ने बहुत कम उम्र में ही जग्गू भगवानपुरिया गैंग में अपनी गहरी पैठ बना ली थी। अमेरिकी अधिकारियों के अनुसार, वह इस अंतरराष्ट्रीय सिंडिकेट के लिए एक प्रमुख ‘एनफोर्सर’ (हिंसक वारदातों को अंजाम देने वाला) के रूप में काम कर रहा था।
एफबीआई ने 15 जून, 2026 को कौशल को अपनी आधिकारिक वांटेड सूची में शामिल किया था। इसके दस दिन बाद, 25 जून को अमेरिका में उसके खिलाफ संघीय गिरफ्तारी वारंट (Federal Arrest Warrant) जारी किया गया। लॉस एंजिल्स में एफबीआई के कार्यालय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ (पूर्व में ट्विटर) पर एक बयान जारी करते हुए बताया था कि कौशल भगवानपुरिया गैंग के इशारे पर कई हिंसक घटनाओं, विशेषकर अपहरण और मारपीट की वारदातों को अंजाम देने का मुख्य आरोपी है।
दिलचस्प बात यह है कि एफबीआई द्वारा ‘एक्स’ पर कौशल की तलाश के बारे में पोस्ट किए जाने के ठीक एक दिन बाद ही, एजेंसी ने गुरुवार को एक और बयान जारी कर यह पुष्टि कर दी कि इस कुख्यात गैंगस्टर को सफलतापूर्वक पकड़ लिया गया है। इतनी जल्दी गिरफ्तारी अमेरिकी एजेंसियों की सक्रियता और पुख्ता खुफिया जानकारी को दर्शाती है।
‘ऑपरेशन हार्ड बॉल’: भारतीय सिंडिकेट्स पर वैश्विक प्रहार
नीतीश कौशल की गिरफ्तारी कोई सामान्य या इकलौती घटना नहीं है, बल्कि यह एफबीआई और उसकी सहयोगी अंतरराष्ट्रीय एजेंसियों द्वारा चलाए जा रहे ‘ऑपरेशन हार्ड बॉल’ (Operation Hard Ball) का एक अहम हिस्सा है। इस बड़े अंतरराष्ट्रीय अभियान का मुख्य उद्देश्य भारत से संचालित होने वाले उन संगठित अपराध समूहों को नष्ट करना है, जो विदेशों में, विशेषकर अमेरिका और कनाडा में, अपना नेटवर्क फैला रहे हैं।
हाल ही में, अमेरिकी न्याय विभाग (Justice Department) ने तीन संघीय अभियोग (Indictments) सार्वजनिक किए हैं, जिनमें इन वैश्विक भारतीय अपराध सिंडिकेट्स से जुड़े 37 गुर्गों पर आरोप तय किए गए हैं। इन पर रैकेटियरिंग, टारगेट किलिंग (योजनाबद्ध हत्याएं) और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ड्रग तस्करी का बड़ा नेटवर्क चलाने के गंभीर आरोप हैं।
इस सघन अभियान के तहत अब तक अमेरिका, कनाडा और स्पेन में छापेमारी कर 24 से अधिक संदिग्धों को गिरफ्तार किया जा चुका है। यह दर्शाता है कि यह आपराधिक नेटवर्क केवल भारत या उत्तर अमेरिका तक सीमित नहीं है, बल्कि यूरोप तक इसके तार जुड़े हुए हैं।
जग्गू भगवानपुरिया और करोड़ों की कोकीन तस्करी
नीतीश कौशल को गैंगस्टर जग्गू भगवानपुरिया का बेहद करीबी सहयोगी माना जाता है। अमेरिकी कानून प्रवर्तन एजेंसियों द्वारा हाल ही में जारी की गई एक चार्जशीट में यह दावा किया गया है कि जग्गू भगवानपुरिया ने लॉस एंजिल्स से वैंकूवर (कनाडा) तक भारी मात्रा में कोकीन भेजने की साजिश में एक मुख्य रणनीतिकार की भूमिका निभाई थी।
दस्तावेजों के अनुसार, इस गैंग ने लगभग 163 किलोग्राम कोकीन की एक बड़ी खेप की तस्करी की थी। इसके बाद, 16 फरवरी 2026 को उसी मार्ग से अतिरिक्त 20 किलोग्राम कोकीन भेजने का सौदा भी तय हुआ था।
हैरानी की बात यह है कि जहां एक तरफ जग्गू के गुर्गे अमेरिका में गिरफ्तार हो रहे हैं, वहीं खुद जग्गू फिलहाल ऑस्ट्रेलिया में रह रहा है। कुछ समय पहले वह पंजाब में तब चर्चा में आया था, जब उसने गुरदासपुर के डेरा बाबा नानक में 100 जोड़ों के लिए एक सामूहिक विवाह समारोह का आयोजन करवाया था। अपराध जगत के लोग अक्सर स्थानीय समर्थन हासिल करने और पुलिस की कार्रवाई से बचने के लिए ऐसे सामाजिक कार्यों का सहारा लेते हैं।
लॉरेंस बिश्नोई और गोल्डी बराड़ का नेटवर्क
‘ऑपरेशन हार्ड बॉल’ के तहत जिन 37 आरोपियों को नामजद किया गया है, उनमें भारत का सबसे कुख्यात गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई भी शामिल है। अमेरिकी अभियोजकों (Prosecutors) ने बिश्नोई पर एक बेहद गंभीर आरोप लगाया है। उनका कहना है कि बिश्नोई गुजरात की एक उच्च-सुरक्षा वाली जेल में बंद होने के बावजूद, तस्करी कर लाए गए मोबाइल फोन का इस्तेमाल करके जेल के अंदर से ही अंतरराष्ट्रीय स्तर पर हत्याओं, रंगदारी और ड्रग तस्करी का नेटवर्क संचालित कर रहा है।
दूसरी ओर, लॉरेंस बिश्नोई का सबसे खास आदमी और कथित डिप्टी कमांडर गोल्डी बराड़ (असली नाम सतिंदरजीत सिंह बराड़) अब भी फरार है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उसकी तलाश तेज कर दी गई है और एफबीआई ने उसकी गिरफ्तारी या उस तक पहुंचाने वाली पुख्ता जानकारी देने वाले के लिए 50,000 डॉलर (लगभग 41 लाख रुपये) का इनाम घोषित किया हुआ है।
