केरल विधानसभा चुनाव 2026: 16वीं विधानसभा में पहुँचने वाली 11 महिला विधायक, यहाँ देखें पूरी लिस्ट

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केरल विधानसभा चुनाव 2026: 16वीं विधानसभा में पहुँचने वाली 11 महिला विधायक, यहाँ देखें पूरी लिस्ट

केरल विधानसभा चुनाव 2026: 16वीं विधानसभा में पहुँचने वाली 11 महिला विधायक, यहाँ देखें पूरी लिस्ट

तिरुवनंतपुरम, 5 मई, 2026: केरल विधानसभा चुनाव 2026 के नतीजों ने राज्य की राजनीति में एक नया मोड़ ला दिया है। जहाँ एक ओर कांग्रेस के नेतृत्व वाले यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (UDF) ने शानदार वापसी की है, वहीं दूसरी ओर महिला प्रतिनिधित्व के लिहाज से भी यह चुनाव ऐतिहासिक रहा है। 16वीं केरल विधानसभा में इस बार 11 महिला विधायक अपनी जगह बनाने में कामयाब रही हैं।

हालाँकि यह संख्या पिछली विधानसभा (12 महिला विधायक) से एक कम है, लेकिन इस बार मुस्लिम लीग (IUML) की पहली महिला विधायक की जीत ने इस चुनाव को खास बना दिया है।


महिला प्रतिनिधित्व: UDF का दबदबा और LDF की गिरावट

इस बार के चुनाव परिणामों में सबसे चौंकाने वाली बात महिला विधायकों का दलीय समीकरण है। जहाँ पिछली विधानसभा में अधिकांश महिला विधायक वामपंथी लोकतांत्रिक मोर्चे (LDF) से थीं, वहीं इस बार पासा पलट गया है।

  • UDF (यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट): 11 में से 9 महिला विधायक UDF खेमे से हैं।
  • LDF (लेफ्ट डेमोक्रेटिक फ्रंट): सत्ता गंवाने के साथ ही लेफ्ट की महिला विधायकों की संख्या घटकर मात्र 2 रह गई है।

16वीं केरल विधानसभा की 11 महिला विधायकों की सूची

यहाँ उन महिला विजेताओं का विवरण दिया गया है जिन्होंने 2026 के चुनावों में जीत का परचम लहराया:

1. फातिमा तहलिया (पेराम्ब्रा) – IUML

इस चुनाव की सबसे चर्चित जीत फातिमा तहलिया की रही। उन्होंने पेराम्ब्रा सीट से जीत हासिल कर इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग (IUML) के 75 साल के इतिहास को बदल दिया। वह मुस्लिम लीग की पहली महिला विधायक बनी हैं।

2. उमा थॉमस (त्रिक्काकरा) – कांग्रेस

कांग्रेस की वरिष्ठ नेता उमा थॉमस ने 50,211 वोटों के विशाल अंतर से जीत दर्ज की, जो इस चुनाव में किसी भी महिला उम्मीदवार द्वारा दर्ज की गई सबसे बड़ी जीत है।

3. बिंदु कृष्णा (कोल्लम) – कांग्रेस

कोल्लम निर्वाचन क्षेत्र से बिंदु कृष्णा ने 16,830 मतों के अंतर से जीत हासिल की। उन्होंने इस सीट पर कांग्रेस की पकड़ को और मजबूत किया है।

4. शनिमोल उस्मान (अरूर) – कांग्रेस

अरूर सीट पर शनिमोल उस्मान ने एक बार फिर अपनी लोकप्रियता साबित की और 9,324 वोटों के अंतर से जीत दर्ज की।

5. राम्या हरिदास (चिरायिनकीझु) – कांग्रेस

पूर्व सांसद राम्या हरिदास ने एक बेहद कड़े मुकाबले में 1,422 वोटों के मामूली अंतर से जीत हासिल कर विधानसभा में अपनी जगह सुरक्षित की।

6. ओ.एस. अंबिका (आट्टिंगल) – CPI(M)

वामपंथी खेमे (LDF) की ओर से जीतने वाली दो महिलाओं में से एक ओ.एस. अंबिका हैं। उन्होंने आट्टिंगल सीट से 13,375 वोटों के अंतर से जीत हासिल की।

7. के.के. रेमा (वटकरा) – RMP (UDF समर्थित)

आरएमपी (RMP) नेता के.के. रेमा ने वटकरा सीट को बरकरार रखा। उन्होंने 14,862 वोटों के अंतर से जीत हासिल कर लेफ्ट के गढ़ में अपनी उपस्थिति दर्ज कराई।

8. विद्या बालकृष्णन (एलाथुर) – कांग्रेस

कांग्रेस की विद्या बालकृष्णन ने एक बड़ा उलटफेर करते हुए मंत्री ए.के. शशींद्रन को 12,162 वोटों के अंतर से हराया।

9. ऊषा विजयन (मानंतवाडी) – कांग्रेस

मानंतवाडी सीट पर ऊषा विजयन ने मौजूदा मंत्री ओ.आर. केलू को 10,543 वोटों के अंतर से शिकस्त देकर सबको चौंका दिया।

10. तुलसी टीचर (कोंगाड) – कांग्रेस

कोंगाड (SC) सुरक्षित सीट से कांग्रेस उम्मीदवार तुलसी टीचर ने 3,706 मतों के अंतर से विजय प्राप्त की।

11. गीता गोपी (नट्टिका) – CPI

एलडीएफ की दूसरी महिला विजेता सीपीआई की गीता गोपी रहीं, जिन्होंने नट्टिका सीट से 7,093 वोटों के अंतर से जीत दर्ज की।


मुख्य हार और चुनौतियाँ

इस बार के चुनाव में कई दिग्गज महिला नेताओं को हार का सामना करना पड़ा। इनमें ‘शैलजा टीचर’ के नाम से मशहूर पूर्व स्वास्थ्य मंत्री के.के. शैलजा और वीणा जॉर्ज जैसे बड़े नाम शामिल हैं। लेफ्ट के गढ़ ढहने के कारण महिला प्रतिनिधित्व का पूरा ढांचा ही बदल गया है।

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि केरल की राजनीति में महिलाओं की भागीदारी अब केवल प्रतीकात्मक नहीं रह गई है। फातिमा तहलिया जैसी युवा नेताओं का उभरना यह संकेत देता है कि आने वाले समय में विधानसभा के भीतर जेंडर जस्टिस और युवाओं से जुड़े मुद्दों पर अधिक बहस देखने को मिलेगी।

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