मुंबई लैंडस्लाइड (Mumbai Landslide): भारी बारिश के बीच कुर्ला में चट्टान खिसकी, 2 की मौत, मलबे में कई लोगों के दबे होने की आशंका

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मुंबई लैंडस्लाइड (Mumbai Landslide): भारी बारिश के बीच कुर्ला में चट्टान खिसकी, 2 की मौत, मलबे में कई लोगों के दबे होने की आशंका

मुंबई लैंडस्लाइड (Mumbai Landslide): भारी बारिश के बीच कुर्ला में चट्टान खिसकी, 2 की मौत, मलबे में कई लोगों के दबे होने की आशंका

मुंबई (12 अगस्त 2026): महाराष्ट्र की राजधानी मुंबई और उसके उपनगरों में एक बार फिर मानसून (Monsoon in Mumbai) ने अपना कहर बरपाया है। भारी बारिश के चलते बुधवार तड़के मुंबई के पूर्वी उपनगर कुर्ला (Kurla) में एक बड़ा भूस्खलन (Landslide) हुआ, जिसने पूरे इलाके में मातम पसार दिया। इस दर्दनाक हादसे में कम से कम दो लोगों की जान चली गई है, जबकि कई अन्य लोगों के अब भी भारी मलबे के नीचे दबे होने की आशंका है।

राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (NDRF), मुंबई फायर ब्रिगेड (MFB) और बीएमसी (BMC) सहित कई एजेंसियां युद्ध स्तर पर बचाव कार्य में जुटी हुई हैं। इस घटना ने मुंबई के पहाड़ी और संवेदनशील इलाकों में बसी बस्तियों (चॉल) की सुरक्षा पर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

कब और कहाँ हुआ यह दर्दनाक हादसा?

बीएमसी (बृहन्मुंबई नगर निगम) के आपदा प्रबंधन कक्ष से मिली जानकारी के अनुसार, यह भयानक हादसा बुधवार तड़के करीब 3:48 बजे हुआ। यह वह समय था जब इलाके के ज्यादातर लोग गहरी नींद में सो रहे थे। यह भूस्खलन कुर्ला वेस्ट (Kurla West) के चिराग नगर (Chirag Nagar) इलाके में स्थित राठौड़ मेडिकल के पास ‘गौसिया चॉल’ (Gaushiya Chawl) में हुआ।

अचानक से पहाड़ का एक बड़ा हिस्सा, भारी चट्टानें और कीचड़ चॉल के घरों पर आ गिरा। मलबे के भारी दबाव के कारण चॉल के कई कमरे पूरी तरह से जमींदोज हो गए। घटना की गंभीरता को देखते हुए बीएमसी ने इसे ‘लेवल 2’ (Level II Incident) आपातकाल घोषित किया है। स्थानीय प्रत्यक्षदर्शियों और नागरिक अधिकारियों के अनुसार, अनुमान है कि लगभग छह से आठ लोग इस भारी मलबे के नीचे फंसे हो सकते हैं।

हताहतों और घायलों की जानकारी: दो लोगों ने गंवाई जान

बचाव दल ने मलबे से अब तक दो लोगों के शव बरामद किए हैं। प्रारंभिक रिपोर्टों से संकेत मिलता है कि मृतकों को तुरंत पास के राजावाड़ी अस्पताल (Rajawadi Hospital) ले जाया गया था, जहां मुख्य चिकित्सा अधिकारी (CMO) ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। मारे गए लोगों में एक किशोर भी शामिल है।

इस हादसे में जान गंवाने वालों के अलावा, दो अन्य लोगों को गंभीर चोटें आई हैं। घायल अवस्था में उन्हें मलबे से सुरक्षित निकालकर कुर्ला के बीएमसी संचालित भाभा अस्पताल (Bhabha Hospital) में भर्ती कराया गया है। अस्पताल के अधिकारियों के मुताबिक, दोनों का इलाज चल रहा है, जिनमें से एक को सिर और दूसरे को पीठ में चोट आई है, हालांकि दोनों की हालत फिलहाल स्थिर बताई जा रही है।

युद्ध स्तर पर चल रहा है रेस्क्यू ऑपरेशन (Rescue Operations)

घटना की सूचना मिलते ही पुलिस, प्रशासन और आपदा प्रबंधन की टीमें तुरंत मौके पर पहुंच गईं। वर्तमान में एक बड़ा ‘मल्टी-एजेंसी रेस्क्यू ऑपरेशन’ (Multi-Agency Rescue Operation) चलाया जा रहा है ताकि मलबे में फंसे लोगों को जल्द से जल्द सुरक्षित निकाला जा सके।

राहत एवं बचाव कार्य में निम्नलिखित टीमें शामिल हैं:

  • NDRF की टीमें: मलबे में लोगों की तलाश के लिए विशेष उपकरणों के साथ राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (एनडीआरएफ) के जवान डटे हुए हैं।
  • मुंबई फायर ब्रिगेड (MFB): फायर ब्रिगेड की कई गाड़ियां और अधिकारी मौके पर मौजूद हैं।
  • बीएमसी (BMC) कर्मचारी: 50 से अधिक बीएमसी कर्मी मलबा हटाने में मदद कर रहे हैं।
  • घाटकोपर पुलिस: घाटकोपर पुलिस स्टेशन (Ghatkopar Police) के जवान कानून-व्यवस्था और भीड़ को नियंत्रित करने का काम कर रहे हैं।
  • मेडिकल टीमें: एम्बुलेंस और पैरामेडिक्स की टीमें किसी भी घायल को तुरंत अस्पताल पहुंचाने के लिए स्टैंडबाय पर हैं।

मुंबई की मेयर (Mumbai Mayor) रितु तावड़े (Ritu Tawde) ने भी बुधवार तड़के घटनास्थल का दौरा किया और बचाव कार्यों का खुद जायजा लिया। उन्होंने पीड़ित परिवारों को सांत्वना दी और बीएमसी की तरफ से हरसंभव मदद का भरोसा दिलाया। मौके पर मौजूद डीसीपी (DCP) गणेश शिंदे ने भी मीडिया को बताया कि सभी आवश्यक टीमें बचाव कार्यों में पूरी तरह से जुटी हुई हैं और रेस्क्यू को तेज किया जा रहा है।

भारी बारिश बनी भूस्खलन की मुख्य वजह (Mumbai Monsoon Danger)

कुर्ला में हुए इस भूस्खलन का मुख्य कारण पिछले 48 घंटों से मुंबई और इसके आसपास के इलाकों में हो रही मूसलाधार बारिश है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने पहले ही मुंबई के लिए भारी बारिश (Heavy Rain Alert) का अलर्ट जारी किया था।

लगातार हो रही बारिश ने शहर के कई निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति पैदा कर दी है, जिससे सड़क यातायात और लोकल ट्रेन सेवाएं बुरी तरह प्रभावित हुई हैं। एक दिन पहले ही खराब मौसम के कारण छत्रपति शिवाजी महाराज अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डे (CSMIA) से उड़ानों में देरी के कारण प्रमुख एयरलाइंस को एडवाइजरी जारी करनी पड़ी थी।

इस हादसे के बाद, बीएमसी अधिकारियों ने एक बार फिर नागरिकों के लिए चेतावनी जारी की है। पहाड़ी ढलानों, खतरनाक चट्टानों और संवेदनशील क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को सुरक्षित स्थानों या बीएमसी द्वारा बनाए गए ट्रांजिट कैंपों में जाने की अपील की गई है।

निष्कर्ष

कुर्ला के गौसिया चॉल में बचाव अभियान अभी भी महत्वपूर्ण चरण में है। पूरा शहर उन लोगों के सुरक्षित निकलने की प्रार्थना कर रहा है जो अभी भी मलबे के नीचे फंसे हुए हैं। यह दुखद घटना मुंबई के भूस्खलन-संभावित क्षेत्रों (Landslide Prone Areas) में रहने वाली कमजोर आबादी के लिए सुरक्षित आवास समाधान की तत्काल आवश्यकता को फिर से रेखांकित करती है। चूंकि मौसम विभाग ने आने वाले दिनों में और अधिक बारिश की भविष्यवाणी की है, इसलिए प्रशासन ने हाई अलर्ट घोषित कर दिया है।

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